ऐसे बच्चों को हिन्दी भाषा सीखने में अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है जिनकी मातृभाषा हिन्दी से भिन्न है | जैसे किसी बच्चे की मातृभाषा अंग्रेजी है, तो उसे हिन्दी सीखने में कठिनाई महसूस होगी क्योंकि प्रत्येक भाषा की संरचना भिन्न होती है |
CTET Solved Paper MCQ - CTET September 2016 Paper2
बच्चों की भाषा क्षमता का आकलन करने की दृष्टी से सर्वाधिक एवं सार्थक तरीका है - फेरीवालों की आवाज को सुनाना और किसी एक का कक्षा में अभिनय करके दिखाना | इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि बच्चों की भाषा पर पकड़ कितनी अच्छी है |
एक भाषा, दूसरी भाषा से भले ही भिन्न हो, परन्तु सभी भाषाएँ कुलताएँ एक-दूसरे से सम्बद्ध होती हैं |
भाषा का प्रमुख प्रकार्य सम्प्रेषण करना है, क्योंकि सम्प्रेषण के माध्यम से ही एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के भावों और विचारों को समझ सकता है |
कोई भी नया पाठ आरम्भ करने से पहले अध्यापक के लिए आवश्यक हे कि वह पाठ के मूल भाव पर बातचीत करे |

