किसी वस्तु की ऐसी जानकारी, जो उसने अपने अनुभवों से प्राप्त की है, बच्चा अपनी भाषा में आसानी से लिख सकता है| अतः बच्चों को उनके अनुभव संसार से जुड़े प्रश्नों को पूछने के अवसर देने चाहिए| इस प्रकार के अभ्यास से बच्चों की बहुभाषिकता पोषित होती है|
CTET Solved Paper MCQ - CTET February 2014 Paper1
बच्चे द्वारा कुछ लिखते समय अक्षरों को छोड़ना, शब्दों को सही क्रम में न लिखकर उलटा लिखना तथा लिखने में कठिनाई महसूस करना इत्यादि डिसग्राफिया की समस्या कहलाती है|
बच्चा अपने घर-परिवार की बातचीत को भाषा के रूप में सर्वाधिक ग्रहण करता है| अतः प्राथमिक स्तर पर बच्चों का शुरूआती भाषा विकास उसके परिवार में होने वाली परस्पर बातचीत से अधिक प्रभावी होता है|
- A सुलेखा से 'रेलगाड़ी' शब्द तीस बार लिखवाएँगे ताकि दोबारा गलती न हो
- B उसकी कॉपी पर 'रेलगाड़ी' शब्द लिखेंगे और सुलेखा से पूछेंगे कि लिखे हुए दोनों शब्दों में क्या अन्तर है? उसे अपना शब्द स्वयं ठीक करने के लिए कहेंगे
- C 'रेलगाड़ि' शब्द पर घेरा लगाकर सही शब्द लिखकर सुलेखा की कॉपी वापस कर देंगे
- D 'रेलगाड़ि' शब्द पर घेरा लगाएँगे और सुलेखा को डाटेंगे ताकि वह आगे से शब्दों को सही-सही लिखे
यदि प्राथमिक स्तर का कोई छात्र/छात्रा किसी शब्द को लिखते समय 'छोटी' और 'बड़ी' मात्रा में अंतर नहीं समझा पाता, तो भाषा शिक्षक को चाहिए कि वह शुद्ध और अशुद्ध दोनों अक्षरों को कॉपी में लिखवाकर उनमे अंतर पूछने को कहे इससे उसके उच्चारण की ध्वनि त्रुटि आसानी से समझी जा सकती है|
- A कविता को चार्ट पेपर पर लिखकर बच्चों की पहुंच से दूर दीवार पर लगा देंगे और उसकी और संकेत करके कविता जोर-जोर से पढ़ेंगे
- B कविता को टेपरिकॉर्डर से सुनाएंगे ताकि सभी बच्चों पर ध्यान दिया जा सके
- C कविता को पढ़ने के लिए एक से अधिक विधियों का प्रयोग करेंगे ताकि बच्चों को विभिन्न इन्द्रियों से अनुभव करने का अवसर मिल सके
- D एक ही कविता को पाँच बार सुनाएँगे, पाठ करवाएँगे ताकि सभी बच्चों की समझ में आ जाए
कविता पाठ करते समय शिक्षक बच्चों को भिन्न-भिन्न भाव-भंगिमा के साथ पढ़ाने का इस प्रकार प्रयास करें कि उसके संकेत, भाव तथा ध्वनि बच्चों को आसानी से समझ में आ जाएँ अर्थात उनकी (बच्चों की) इन्द्रियाँ उन भावों को महसूस कर सकें|