CTET Solved Paper MCQ - CTET Feburary 2016 Paper2
पियाजे के अनुसार, भाषा अन्य संज्ञानात्मक तन्त्रों की भाँति परिवेश के साथ अन्तःक्रिया के माध्यम से ही विकसित होती है |
व्याकरण-शिक्षण की वह पद्धति अपेक्षाकृत अधिक उचित है, जिसमें बच्चे उदाहरणों से नियमों की ओर जाते हैं, क्योंकि व्याकरण एक जटिल विषय है जिसे उदाहरण पद्धति से समझाकर सरल बनाया जा सकता है |
उच्च प्राथमिक स्तर पर भाषा सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में बच्चों की भाषिक पृष्ठभूमि की अपेक्षा बिल्कुल नहीं की जा सकती |
यदि मोना 'पढ़ती' को 'पती' तथा 'अभिनव' को 'अनव' आदि लिखती है, तो इसका कारण उसके विचारों में स्पष्टता न होना हो सकता है|

