दीर्घ सन्धि
ह्रास्व या दीर्घ 'अ', 'इ', 'उ' के पश्चात क्रमशः ह्रास्व या दीर्घ 'अ', 'इ', 'उ' स्वर आएँ , तो दोनों को मिलकर दीर्घ 'आ', 'ई', 'ऊ' हो जाते हैं| विद्या + अर्थी = विद्यार्थी | आ + अ = आ |
CTET Solved Paper MCQ - UPTET October 2017 Paper2
वन
कानन का पर्यायवाची शब्द वन है | इसके अतिरिक्त विपिन, अरण्य भी कानन के पर्यायवाची है |
वाक्य खण्डों को अलग-अलग करके उनका सम्बन्ध बताना |
वाक्य खण्डों को अलग-अलग करके उनका सम्बन्ध बताना ही वाक्य विग्रह कहलाता है |
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बिनु पग चलै सुनै बिनु काना,
कर बिनु कर्म करै विधि नाना|
उपरोक्त पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है
विभावना
कारण के अभाव में कार्य की उतपत्ति का वर्णन हो, तो विभावना अलंकार कहलाता है |

