अशोक के फूल, कुटज तथा विचार प्रवाह तीनों हजारीप्रसाद द्विवेदी के निबन्ध हैं| जबकि वृत्त और विकास इनका निबन्ध नहीं है|
CTET Solved Paper MCQ - UPTET Feburary 2016
परमाल रासो एक आल्हा खण्ड है जिसकी रचना 13वीं शताब्दी में महोबा के राजा परमालदेव के सामन्त आल्हा और ऊदल की वीरता के वर्णन पर, जगनिक द्वारा रचित की गई|
1503 ई. में मृगावती और राजकुँवर की अलौकिक प्रेमकथा के द्वारा अलौकिक प्रेम के वर्णन पर आधारित मृगावती की रचना कुतुबन ने की थी|

