अष्टछाप के प्रमुख कवि हैं - सूरदास, कुम्भनदास, परमानन्ददास, कृष्णदास, नन्ददास, छीत स्वामी, गोविन्द स्वामी एवं चतुर्भुजस्वामी|
अतः अष्टछाप के कवि नाभादास नहीं हैं|
CTET Solved Paper MCQ - UPTET Feburary 2016
आचरण की सभ्यता सरदार पूर्णसिंह का निबन्ध है| सरदार पूर्णसिंह के अन्य निबंध सच्ची वीरता, मजदूरी और प्रेम, कर्तव्य और सभ्यता आदि हैं|
महाकवि भूषण रीतिकाल के कवि हैं| इन्होंने छत्रसाल दशक, शिवाबावनी, शिवराज भूषण आदि रचनाएँ लिखी हैं| रीतिकाल के अन्य कवियों में केशवदास, मतिराम भिखारीदास, पद्माकर, रसिकगोविंद, बिहारी, घनानन्द, रहीम आदि प्रमुख हैं|
उत्साह वीर रस का स्थायी भाव है| करुण का शोक, हास्य का हास तथा शृंगार रस का स्थायी भाव रति है|

