Explanation : बच्चे जब अपने अनुभवों को कहने तथा लिखने में पूर्णतः आसक्त हो जाते हैं, तब उनका आकलन आसानी से किया जा सकता है| सतत मूल्यांकन/आकलन का सर्वाधिक उचित तरीका यही है कि बच्चों को अनुभवों को कहने और उन्हें लिखने के उचित अवसर दिए जाएँ |
Explanation : जिन प्रदर्शित सामग्रियों का उपयोग पढ़ने, लिखने या सीखने में न हो, कक्षा में उन्हें दिखाना निरर्थक होता है वे मात्र सजावटी तौर पर ही अपनी भूमिका निभाती हैं| इसके विपरीत यदि किसी प्रदर्शित मॉडल से अधिकाधिक जानकारी प्राप्त हो रही है, वे बच्चों के लिए काफी लाभदायक और उपयोगी होते हैं|
Explanation : हिंदी भाषा की कक्षा में भिन्न-भिन्न भाषा प्रयोगों का परिचय दिया जा सकता है| बच्चे उन्हें अधिकाधिक ग्रहण कर सकते हैं क्योंकि चॉम्स्की के अनुसार, बच्चों के पास भाषा सीखने की क्षमता जन्मजात होती है|
Explanation : विषय-वस्तु से सम्बंधित रंगीन चित्र, सन्दर्भ व पूर्व अनुभवों से लिए गए अनुमान, बच्चों को पढ़ने व सीखने में काफी सहायक होते हैं| इसके विपरीत ध्वनि के नियम, पढ़ने का अनावश्यक दबाव आदि बच्चों को पढ़ने-लिखने में मुश्किल पैदा करते हैं|
Explanation : किसी छात्र द्वारा दूसरों की बातों को ध्यानपूर्वक सुनना तथा उसके प्रति अपनी टिप्पणी देना ही प्राथमिक स्तर पर भाषा शिक्षण का मुख्य उद्देश्य है|