Hindi MCQ - Vyakaran (हिन्दी व्याकरण)
आचरण की सभ्यता सरदार पूर्णसिंह का निबन्ध है| सरदार पूर्णसिंह के अन्य निबंध सच्ची वीरता, मजदूरी और प्रेम, कर्तव्य और सभ्यता आदि हैं|
उत्साह वीर रस का स्थायी भाव है| करुण का शोक, हास्य का हास तथा शृंगार रस का स्थायी भाव रति है|
ट वर्ग के वर्ण ट,ठ,ड,ढ,ण सभी मूर्धन्य व्यंजन होते हैं| ये वर्ण कठोर तालु के मध्य भाग तथा जीभ की उलटी हुई नोंक के निचले भाग से स्पर्श होकर उच्चारित होते हैं, ऐसी स्थिति में उतपन्न ध्वनि को मूर्धन्य कहते हैं|

