जिस समास में पूर्वपद और उत्तरपद दोनों ही प्रधान हों अर्थात अर्थ की दृष्टी से दोनों का स्वतन्त्र अस्तित्व हो और उनके मध्य संयोजक शब्द का लोप हो, तो वह द्वन्द्व समास कहलाता है|
जैसे- यहाँ पर चर पूर्व पद है और अचर उत्तर पद और दोनों प्रधान हैं, दोनों का अर्थ भी स्वतंत्र है जैसे - चर-चेतन, अचर-जड़
CTET Solved Paper MCQ - UPTET December 2016
किण्डरगार्टन, मॉण्टेसरी, डैक्राली भाषा-शिक्षण की पद्धतियां हैं, जबकि अभिक्रमित अनुदेशन भाषा-शिक्षण की पद्धति नहीं है|
'बालक की प्रारम्भिक शिक्षा उसकी मातृभाषा में दी जाए' यह महात्मा गाँधी का मानना है|
आगमन, निगमन व अव्याकृति प्रणाली व्याकरण शिक्षण के लिए उपयुक्त है, जबकि कक्षाभिनय प्रणाली व्याकरण शिक्षण के लिए उपयुक्त नहीं है|

