अनुस्वार व अनुनासिक का प्रयोग करने सम्बन्धी त्रुटियों को दूर करने के लिए छपी सामग्री से समृद्ध वातावरण प्रदान किया जाए |
Child Development and Pedagogy MCQ - Hindi Pedagogy
- A बच्चों को पास-फेल करना वास्तव में व्यवस्थागत विफलताओं को बच्चों के सिर मढ़ना है
- B परीक्षा और फेल हो जाने का डर वास्तव में बच्चों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनकर काम करता है
- C कक्षा 8 तक विद्यार्थियों को फेल नहीं करने के प्रावधान के कारण देश में शिक्षा का स्तर गिर रहा है
- D कक्षा 8 तक विद्यार्थियों को फेल न किए जाने के प्रावधान के कारण ही विधार्थी सीख नहीं पा रहे हैं
शैक्षिक प्रक्रियाओं के मूल्यांकन के सन्दर्भ में हम इस कथन से सहमति प्रकट करेंगे कि बच्चों को पास-फेल करना वास्तव में व्यवस्थागत विफलताओं को बच्चे के सिर मढ़ना है, क्योंकि बच्चे को जो सिखाया जाता है, वह उसी के अनुरूप उत्तर लिखता है |
उच्च प्राथमिक स्तर पर लेखन क्षमता का आकलन करते समय हम 'विचारों की मौलिकता' को सर्वाधिक महत्व देंगे क्योंकि विचारों की मौलिकता ही वह गुण है, जिसके आधार पर बच्चों की लेखन क्षमता को मापा जा सकता है |
- A जो बच्चे पिछली कक्षा की बातें नहीं सीख पाए हैं, वे अगली कक्षा में और पिछड़ जाएँगे | अतः उन्हें उसी कक्षा में रोक देना चाहिए
- B बच्चों को किन्हीं अवधारणाओं को न सीखने के कारण फेल करके रोकना उचित ही है
- C जो बच्चे किसी कक्षा में सीख नहीं पाए हैं, उन्हें फेल करके रोकने से भी जरूरी नहीं कि वे सीख जाएँ
- D एक कक्षा में हम जो सीखते हैं उसके सभी अंश अगली कक्षा के लिए अनिवार्य बुनियाद होते हैं
सीखने-सिखाने की प्रक्रिया के सन्दर्भ में एक कक्षा में हम जो सीखते हैं, उसके सभी अंश अगली कक्षा के लिए आधार बिन्दु होते हैं | अतः यदि विद्यार्थी ने पूर्व कक्षा में से कुछ नहीं सीखा है, तो अगली कक्षा में सीखते समय उसे अवश्य कठिनाई महसूस होगी |
कक्षा 8 के लिए पाठ्य-पुस्तक का निर्माण करते समय विधागत विविधता होना महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस आयु के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न विधाओं की विविधता होने से उनकी जानकारी बढ़ेगी| साथ ही वे भाषा के रचनात्मक पहलुओं को भी भली-भाँती समझ सकेंगे |