Child Development and Pedagogy - Hindi Pedagogy

186. भाषा की पाठ्य-पुस्तकों में दिए गए अभ्यास

  • Option : A
  • Explanation : भाषा की पाठ्य-पुस्तके अन्त में दी गई अभ्यास प्रश्नावली बच्चों को तीन प्रकार के अवसर देती है (i) चीजों को परखने (ii) गहराई से जुड़ने तथा (iii) प्राप्त अनुभव स्तर से तथ्य ज्ञात करने का|
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187. हिंदी भाषा में सतत आकलन का सर्वाधिक उचित तरीका है

  • Option : B
  • Explanation : बच्चे जब अपने अनुभवों को कहने तथा लिखने में पूर्णतः आसक्त हो जाते हैं, तब उनका आकलन आसानी से किया जा सकता है| सतत मूल्यांकन/आकलन का सर्वाधिक उचित तरीका यही है कि बच्चों को अनुभवों को कहने और उन्हें लिखने के उचित अवसर दिए जाएँ |
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188. भाषा-कक्षाओं में प्रदर्शित सामग्री केवल तब सजावटी हो जाती है जब

  • Option : A
  • Explanation : जिन प्रदर्शित सामग्रियों का उपयोग पढ़ने, लिखने या सीखने में न हो, कक्षा में उन्हें दिखाना निरर्थक होता है वे मात्र सजावटी तौर पर ही अपनी भूमिका निभाती हैं| इसके विपरीत यदि किसी प्रदर्शित मॉडल से अधिकाधिक जानकारी प्राप्त हो रही है, वे बच्चों के लिए काफी लाभदायक और उपयोगी होते हैं|
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189. चॉम्स्की के अनुसार बच्चों के पास भाषा सीखने की क्षमता जन्मजात होती है| अतः हिन्दी भाषा की कक्षा में बच्चों को

  • Option : A
  • Explanation : हिंदी भाषा की कक्षा में भिन्न-भिन्न भाषा प्रयोगों का परिचय दिया जा सकता है| बच्चे उन्हें अधिकाधिक ग्रहण कर सकते हैं क्योंकि चॉम्स्की के अनुसार, बच्चों के पास भाषा सीखने की क्षमता जन्मजात होती है|
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190. निम्नलिखित में से कौन-सा नियम पढ़ना, सीखने में मुश्किल पैदा नहीं करता?

  • Option : D
  • Explanation : विषय-वस्तु से सम्बंधित रंगीन चित्र, सन्दर्भ व पूर्व अनुभवों से लिए गए अनुमान, बच्चों को पढ़ने व सीखने में काफी सहायक होते हैं| इसके विपरीत ध्वनि के नियम, पढ़ने का अनावश्यक दबाव आदि बच्चों को पढ़ने-लिखने में मुश्किल पैदा करते हैं|
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