0. मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा का प्रयोग शिक्षा के सभी उच्च स्तरों तक जारी रहना चाहिए, क्योंकि
मातृभाषा या आस-पास की भाषा में उच्च दक्षता का स्तर बेहतर संज्ञानात्मक विकास अन्तर्वैयक्तिक संवाद-कुशलता व सैद्धान्तिक-स्पष्टता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है
ऐसा करना अन्तर्राष्ट्रिय संबंधों में विस्तार के दृष्टिकोण से सर्वाधिक आवश्यक है
मातृभाषा में बच्चों की रूचि अधिक होती है
केवल मातृभाषा के जरिए ही बच्चों के संज्ञानात्मक विकास एवं संवाद-कुशलता को बढ़ाया जाता है
You must be logged in to post a comment.