पूरी स्कूली शिक्षा के दौरान द्वि-भाषिकता को बनाए रखना चाहिए, कारण द्वि-भाषिकता और विद्वत उपलब्धियों का गहरा सकारात्मक समबन्ध पाया जाता है
भाषा में उच्च-स्तरीय दक्षता प्राप्ति के बिना गणित, समाज विज्ञान और विज्ञान में समझ और उपलब्धि के स्तर का विकास संभव नहीं है
पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित करने के लिए यह जरुरी है कि प्रत्येक स्कूल में अच्छे पुस्तकालय हो जहाँ बच्चों को अपने पाठ्यक्रम के अलावा अन्य सामग्री पढ़ने व लिखने के प्रति भी प्रेरित किया जा सके
उपरोक्त सभी
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